बुद्ध का शव-पेटिका

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काल
लगभग पहली-चौथी शताब्दी ईसा, गंधार कला

मूल स्थान
यूसुफ़ज़ाई (अखंड भारत का उत्तर-पश्चिमी भाग)

सामग्री
शिस्ट पत्थर(परतदार पत्थर)

आयाम
लंबाई: 49 सेमी, चौड़ाई: 6.2 सेमी, ऊँचाई: 45 सेमी

वज़न
26.1 kg

अवाप्ति सं GD119/ 2402

भारतीय संग्रहालय संग्रह

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बुद्ध की शवपेटिका रिलीफ़ में बुद्ध के परिनिर्वाण, या अंतिम विदाई को दर्शाया गया है। ग्रे शिस्ट में उकेरी गई इस कलाकृति में बुद्ध की शवपेटिका के चारों ओर साधु और शिष्य गहरे शोक में कुशीनगर के साल वृक्षों  का प्रतिनिधित्‍व करने वाले पेड़ों के नीचे एकत्रित दशार्ए गए हैं। उनके भावपूर्ण हाव-भाव दुख और श्रद्धा व्‍यक्‍त करते हैं। यह कृति गांधार कला को दर्शाती है, जिसमें यूनानी -रोमन यथार्थवाद को बौद्ध प्रतीकों के साथ जोड़ा गया है। यह मानवीय भावनाओं और पुनर्जन्म के चक्र से बुद्ध की आध्यात्मिक मुक्ति की उत्कृष्टता, दोनों पर बल देती है।

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