ललितासन में बुद्ध

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समय अवधि
15वीं शताब्दी ई.

प्राप्ति स्थान
जापान

आयाम
ऊँचाई – 63.5 सेमी, चौड़ाई – 18 सेमी

सामग्री
रोगनदार लकड़ी

अवाप्ति संख्या
75.967
राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली

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अमिताभ बुद्ध को धर्मचक्र मुद्रा में दिखाया गया है, जो धर्म चक्र के घूमने का प्रतीक है जिसमें वे लटकते हुए पैरों वाली सुंदर मुद्रा में बैठे हैं, जिसे ललितासन कहते हैं। बारीकी से बनी लकड़ी की इस मूर्ति में तीन अलग-अलग हिस्से हैं: मज़बूत आधार खूबसूरती से बना कमल का आसन जो पवित्रता और ज्ञान का प्रतीक है, और बुद्ध की शांत बैठी हुई मूर्ति, जो गहरे ध्यान और आध्यात्मिक ज्ञान के पल को दिखाती है। हर चीज़ को सोच-समझकर तैयार किया गया है जिससे समग्र सुंदरता बढ़े और अमिताभ से जुड़ी गहरी आध्यात्मिक अहमियत व्‍यक्‍त हो।

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