महाभिनिष्क्रमण

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काल
लगभग दूसरी शताब्दी ईसा, गंधार कला

मूल स्थान
लोऱियान टांगाई (अखंड भारत का उत्तर-पश्चिमी भाग)

सामग्री
शिस्ट पत्थर (परतदार पत्थर)

आयाम
ऊँचाई – 48.4 सेमी; लंबाई – 53 सेमी; चौड़ाई – 12.5 सेमी

अवाप्ति सं.
5043
भारतीय संग्रहालय, कोलकाता, पश्चिम बंगाल

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महाभिनिष्‍क्रमण रिलीफ में राजकुमार सिद्धार्थ को अपनी आध्‍यात्मिक खोज आरंभ करने के लिए अपने महल से निकलते हुए दिखाया गया है। ग्रे शिस्ट में उकेरे गए इस दृश्‍य में सिद्धार्थ को अपने घोड़े कंथक पर सवार दिखाया गया है, जिसके साथ दिव्य प्राणी और दरबारी हैं। दो दिव्य आकृतियाँ घोड़े के खुरों को उठाए हुए हैं ताकि वे शांतिपूर्वक प्रस्‍थान कर सकें। यह राजकुमार द्वारा संसार छोड़ने का प्रतीक है। यूनानी प्रकृतिवाद को बौद्ध प्रतीक से जोड़कर, यह रिलीफ गांधार कलाकारी और भक्ति का उदाहरण है, जो बुद्ध के जीवन के एक महत्‍वपूर्ण क्षण को पल सुंदरता और गहनता से व्‍यक्‍त करता है।

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