श्रावस्ती का चमत्कार

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काल
लगभग 960–988 ई॰ (पाल कला, विग्रहपाल के 13वें शासन वर्ष)

मूल स्थान
बिहार

सामग्री
पत्थर
आयाम;
ऊँचाई: 70 सेमी; लंबाई: 40 सेमी; चौड़ाई19.8 सेमी

अवाप्ति सं.
 3731
भारतीय संग्रहालय संग्रह

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धमचक्र प्रवर्तन मुद्रा में बैठे बुद्ध की मूर्ति, जो पाल काल में बनाई गई थी, सारनाथ में अपना पहला उपदेश देते हुए बुद्ध को दिखाती है। काले बेसाल्ट से बनी, बुद्ध दो कमल वाले सिंहासन पर पालथी मारकर बैठे हैं, उनके दोनों ओर बोधिसत्व और छोटे बुद्ध हैं। उनके हाथ धर्मचक्र मुद्रा बनाते हैं, जो नियम के चक्र के घूमने का प्रतीक है। यह रचना पाल शैली की बेहतरीन बनावट, शांत भाव और बारीक सज्‍जा को दिखाती है, जिसमें बौद्धिक गहराई और आध्यात्मिक दीप्ति दोनों शामिल हैं, जो बाद के भारतीय बौद्ध मूर्तिकला का केंद्र है।

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