धर्मरक्षा, दुन्हुआंग के एक बौद्ध भिक्षु, 3री शताब्दी के अंत और 4थी शताब्दी ईस्वी की शुरुआत में चीनी बौद्ध इतिहास में एक महत्वपूर्ण अनुवादक थे। उन्होंने बड़ी संख्या में ग्रंथों का अनुवाद करके महायान बौद्ध धर्म के प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया, और मात्रा तथा विविधता दोनों में अपने से पहले के अनुवादकों को पीछे छोड़ दिया। उनके अनुवादित कार्यों में आवश्यक सूत्र शामिल हैं, जैसे कि सद्धर्मपुण्डरीक सूत्र और पच्चीस हजार श्लोकों में प्रज्ञापारमिता (Perfection of Wisdom in 25,000 Lines)। चालीस वर्षों की अवधि में, उन्होंने और उनके सहयोगियों ने लगभग 149 कृतियों का अनुवाद किया, जिसके फलस्वरूप चीनी महायान बौद्ध धर्म और इसकी ग्रंथात्मक संस्कृति के विकास के लिए एक मजबूत नींव पड़ी।