दीपांकर जातक

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काल
लगभग पहली–चौथी शताब्दी ईसा, गंधार कला

मूल स्थान
यूसुफ़ज़ाई, अफगानिस्तान

सामग्री
शिस्ट पत्थर (परतदार पत्थर)

आयाम
लंबाई: 47 सेमी, चौड़ाई: 6 सेमी, ऊँचाई: 22.5 सेमी

वजन
10.2 कि.ग्रा.

अवाप्ति संख्या
2438/ GRS120/ RK3/ SF2
भारतीय संग्रहालय संग्रह

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दूसरी सदी ई. की यह गांधार शिस्ट रिलीफ, दीपांकर जातक को दिखाती है, जो बुद्ध के पिछले जन्मों की सबसे पुरानी कहानियों में से एक है। इस दृश्य में दीपांकर बुद्ध को तपस्वी सुमेधा सम्मान दे रहे हैं, जो उनके सामने झुककर शाक्यमुनि बुद्ध के रूप में उनके भविष्य के ज्ञान की भविष्यवाणी कर रहे हैं। बीच के दृश्‍य के चारों ओर शानदार वास्‍तुशिल्‍पीय बनावट और साथ में बनी आकृतियाँ हैं, जो गांधार के यूनानी-बौद्ध कलात्मक मेल को दिखाती हैं। बारीक नक्काशी आध्यात्मिक वंश, दया और जीवन भर बौद्ध ज्ञान की निरंतरता को दिखाती है।

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