उपेंद्र महारथी ने बौद्ध इतिहास के एक विशेष किस्से को खूबसूरती से पुन: दर्शाया है — वह पल जब सुजाता, जिन्हें पहली उपासिका माना जाता है, कमज़ोर सिद्धार्थ गौतम को खीर देती हैं। इस करुणामयी सेवा से न सिर्फ़ उनकी ताकत वापस लौटी बल्कि उन्हें सादगी और भोग विलास के बीच संतुलन कायम करते हुए मध्यम मार्ग अपनाने के लिए भी प्रेरणा मिली।